मंगलवार, 25 मार्च 2014

हिंदी विश्वविद्यालय में चीन के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत




महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में चीन के शनयाड विश्‍वविद्यालय से आये प्रतिनिधि मंडल का स्‍वागत कुलपति प्रो. गिरीश्‍वर मिश्र की अध्‍यक्षता में गुरूवार को आयोजित एक समारोह में किया गया। इस अवसर पर भाषा विद्यापीठ के कार्यवाहक अधिष्‍ठाता प्रो. देवराज, विदेशी शिक्षण प्रकोष्‍ठ के प्रभारी प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्‍ल, भाषा विद्यापीठ के पूर्व अधिष्‍ठाता उपाशंकर उपाध्‍याय प्रमुखता से उपस्थित थे। चीन के शनयाड विश्‍वविद्यालय से तीन सदस्‍यों का एक प्रतिनिधि मंडल विश्‍वविद्यालय में आया जिसमें चीन के अंतरराष्‍ट्रीय शिक्षा महाविद्यालय के अध्‍यक्ष तथा अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग कार्यालय के उपाध्‍यक्ष फंग शूएकांग, अंतरराष्‍ट्रीय शिक्षा महाविद्यालय की उपनिर्देशक सुश्री चीन शूएली और कन्‍फयूसिएस संस्‍थान कार्यालय की अनुवादक सुश्री हू पो शामिल हैं।

     
भाषा विद्यापीठ के सभागार में आयोजित समारोह में प्रतिनिधि मंडल का स्‍वागत कुलपति प्रो. गिरीश्‍वर मिश्र ने शाल, पुष्‍पगुच्‍छ एवं सूत की माला प्रदान कर किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. मिश्र ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि विश्‍वविद्यालय में अन्‍य पाठ्यक्रमों के साथ विदेशी भाषा के पाठ्यक्रम भी चल रहे हैं। उन्‍होंने अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान आए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि चीन का विकास पूरे विश्‍व को अपनी ओर आकर्षित करता है। भारत और चीन एशिया की दो महान सभ्‍येतावाले देश हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि शनयाड विश्‍वविद्यालय के साथ साझा समझौते के माध्‍यम से हम एशिया की सभ्‍यताओं को और निकट ला सकेंगे। चीन के प्रतिनिधि मंडल ने एक दूसरे के साथ सहयोग तथा अध्‍यापक एवं छात्रों के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाने की मंशा व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने अपने विश्‍वविद्यालय की गतिविधियां एवं विस्‍तार की चर्चा भी की।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर रवि कुमार ने किया तथा धन्‍यवाद ज्ञापन प्रो. विजय कौल ने प्रस्‍तुत किया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार पांडे, प्रो. जगदीप दांगी, सहायक प्रोफेसर अनिर्बान घोष, धनजी प्रसाद, आराधना सक्‍सेना, सन्‍मति जैन, बी. एस. मिरगे तथा छात्र प्रमुखता से उपस्थित थे।

1 टिप्पणी:

  1. इस तरह के वर्क इस विश्वविद्यालय को आगे ले जायेगा |

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